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लिपस्टिक अंडर माय बुर्का का ट्रेलर रिलीज, मूवी 21 जुलाई को होगी रिलीज

सेंसर बोर्ड पहले लगा चुका है बैंन, अब अगले महीने होगी लिपस्टिक अंडर माय बुर्का

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लंबे समय से विवादों में रही फिल्म ‘लिपस्टिक अंडर माय बुर्का’ का एक ट्रेलर सामने आया है। इसमें उन सभी सवालों का जवाब दिया गया है जिस वजह से सेंसर बोर्ड भारत में इसकी रिलीज पर रोक लगा रहा था।

अलंकृता श्रीवास्तव इस फिल्म के निर्देशक हैं। जबकि प्रकाश झा और एकता कपूर फिल्म के प्रोडूसर हैं। इसमें कोंकणा और रत्ना के आलावा आहना कुमरा, प्लाबिता बोरठाकुर अहम भूमिका में नजर आएंगे। इसके अलावा एक्टर सुशांत सिंह और विक्रम मेसी भी इसमें नजर आएंगे।

इस फिल्म को रिलीज से पहले भी भारत में बैन करने की मांग की गई थी। बता दें कि ये फिल्म महिला प्रधान है जिसमें महिलाओं को गाली-गलोच और बोल्ड सीन दिखाए गए हैं जिस वजह से सेंसर बोर्ड अध्यक्ष पहलाज निहलानी ने इसकी रिलीज पर रोक लगा दी थी। लेकिन अब ये फिल्म 21 जुलाई को रिलीज होने जा रही है।

लिपस्टिक अंडर माय बुर्का के ट्रेलर में क्या  है खास

फिल्म में ऐसी चार महिलाएं हैं जो अपनी स्वतंत्रता के लिए चार अलग-अलग लड़ाइयों की अगुवाई कर रही हैं। ट्रेलर में, हम देखते हैं कि किरदारों ने समाज के लिए कुछ असुविधाजनक परेशान कर देने वाल्व सवाल उठाये हैं|

“आप हमारी (महिलाओं) आजादी से इतना डरते क्यों हैं? “प्लोबिता बोराथुर कहती हैं| वह आगे प्रश्न पूछते हैं कि एक महिला को दशकों से दमन क्यों किया जाता है और दूसरे जेंडर की तरह अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए समान सम्मान और स्वतंत्रता क्यों नहीं दी जाती है? जो प्रश्न सभी को दशकों से परेशान कर रहा है!

फिल्म से कुछ दृश्य इतना हार्ड हिटिंग हैं की कुछ दर्शकों के लिए असहज हो सकता है| अलंकृता श्रीवास्तव द्वारा डायरेक्ट की हुई

अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के मंच पर मिल चुका है अवॉर्ड

यह फिल्म टोक्यो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में स्पिरिट ऑफ एशिया अवार्ड और मुंबई फिल्म महोत्सव में लैंगिक समानता के लिए सर्वश्रेष्ठ फिल्म का ऑक्सफैम अवार्ड जीत चुकी है। एकता कपूर के प्रोडक्शन में बनी इस फिल्म की कहानी ऐसी चार महिलाओं के इर्द-गिर्द घूमती है जो अपने ढंग से अपनी आज़ादी चाहती है। एक बुर्का पहनी कॉलेज की छात्रा हैं, एक जवान ब्यूटीशियन, एक तीन बच्चों की मां और 55 वर्षीय एक ऐसी विधवा की इर्द गिर्द यह कहानी हैं जो अपनी ज़िन्दगी को अपने शर्तो पर जीना चाहती हैं लेकिन यह समाज उनसे वो हक़ छीन लेता है।फिल्म में वो अपने जीवन में सेक्स को डिस्कवर करना चाहती है।

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