Technology in Hindi, Hindi mobile news, Hindi News app, movie review in Hindi

ऐसी तकनीक जिससे अंधे बहरे भी देख सकेंगे टीवी

100

शोधकर्ताओं ने ऐसी तकनीक विकसित की है जिससे देखने और सुनने में असमर्थ लोग भी टीवी देख सकेंगे। टेक्नोलोजी की दुनिया में यह एक अनोखा आविष्कार हो सकता है।

आपको बता दें कि यूनिवर्सिडाड कार्लोस थर्ड डे मैड्रिड के शोधकर्ताओं ने एक प्रसारित हो सकने वाले ‘परवैसिव सब प्रोजेक्ट’ चलाया है जो टेलीविजन चैनलों के उपशीर्षकों को संकलित करता है और उन्हें मुख्य सर्वर को भेजता है, जो आगे उसे फिर स्मार्टफोन और टैबलेट को भेजता है।

यहां उन्हें एक एप्लिकेशन के माध्यम से देखने-सुनने में असमर्थ शख्स के ब्रेल लाइन को भेजा जाता है, जिससे अच्छे सिंक्रोनाइजेशन के साथ टीवी ब्रॉडकास्ट से सीधे कैप्चर हुए उपशीर्षकों की गति को नियंत्रित किया जा सकता है।

कहने का मतलब है कि टी वी के सिग्नल को अब देखने और सुनने में असमर्थ लोगों के ब्रेल तक पहुंचाया जाएगा और वो उभरे हुए ब्रेल सिग्नल को टच करके टीवी में क्या चल रहा है पता कर पाएंगे। यह एक ऐसी तकनीक है जो ब्रेल को वास्तविक समय में टाइप करती है।
ब्रेल में रेखाओं को उभारा गया है और ऐसे संकेत दिए गए हैं, जिनका स्पर्श करके देखने और सुनने में असमर्थ लोग आसानी से संकेतों को समझ सकते हैं।

टेलीफोनिका के निदेशक अरांका डियाज-लाडो ने एक बयान में कहा है कि ‘टेलीफोनिका में हम और अधिक सुलभ कंपनी बनने का प्रयास करते हैं और इस तरह हम सभी के लिए समान अवसर पैदा कर रहे हैं और हालांकि हमें अभी लंबा सफर तय करना है. नई तकनीक और डिजिटल क्रांति हमें वहां पहुंचने में मदद करने वाला सबसे अच्छा माध्यम है.’

परीक्षण सफल रहा है और मैड्रिड के सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय डिजिटल टेरेस्ट्रियल टेलीविजन, डीटीटी चैनलों के साथ इस सुविधा को जोड़ दिया गया है। शोधकर्ताओं का दल ज़रूरतमंदों को यह सुविधा मुफ्त में प्रदान कर रहा है।

 

Comments
Loading...