हाफ गर्लफ्रेंड रिव्‍यू : नया क्‍या है… एंटरटेनमेंट के सारे मसाले हाफ

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चेतन भगत एक अच्‍छे और सफल लेखक हैं। लेकिन क्‍या वे अच्‍छे फिल्‍म मेेेेकर भी हैं। यह हाफ गर्लफ्रेंड सेे पता चलता हैैै। उन्‍होंने इस सिनेमा में अपनी बुक को पर्दे पर उतारने की कोशिश की है। नॉवेल पर आधारित फिल्म हाफ गर्लफ्रेंड एक रोमांटिक ड्रामा है जिसमें अर्जुन कपूर और श्रद्धा कपूर के प्यार भरे एहसास को दिखाया गया है। फिल्म में अर्जुन माधव झा को रिया सोमानी श्रद्धा कपूर से प्यार हो जाता है। रिया कॉलेज में काफी पॉपुलर है।

बॉलीवुड की रेगुलर लव स्‍टोरी है हाफ गर्लफ्रेंड

हाफ गर्लफ्रेंड भी आम बॉलीवुड फिल्मों की तरह ही है, जहां हीरो को पहली नजर में ही हीरोइन से प्यार हो जाता है। फिल्म में दोनों के प्यार के बीच बहुत सारे उतार चढ़ाव को दिखाया गया है। डायरेक्टर मोहित सूरी ने फिल्म में प्यार, तकलीफ और अपने प्यार को पाने की हर मुमकिन कोशिश को अच्छे ढंग से फिल्माया है।

श्रद्धा ने रिया सोमानी के रोल को बखूबी निभाया है। अर्जुन ने भी माधव झा के कैरेक्टर पर अच्छी पकड़ बनाए रखी है। फिल्म के फर्स्ट हाफ में उनके द्वारा इंग्लिश के साथ स्थानीय भाषा का असर भी झलकता हुआ नजर आता है। एक छोटे से गांववाले लड़के के किरदार को उन्होंने काफी गहराई से उतारने की कोशिश की है। अर्जुन और श्रद्धा के बीच दिखाई गई केमिस्ट्री काफी अच्छी है। दोनों की केमिस्ट्री काफी हद तक नैचुरल दिखाई देती है।

फिल्म का सेकेंड हाफ काफी ड्रमैटिक है। रिया को अपनी लाइफ में वापस लाने के लिए माधव का किसी भी हद तक चले जाना काफी दिलचस्प है। न्यूयॉर्क में फिल्माए गए ​सीन काफी अच्छे हैं, जब माधव रिया को ढूंढ़ते—ढूंढ़ते थका जाता है और अपने घुटनों पर गिर जाता है वह सीन वाकई एक अच्छा सीन है।

फिल्म में सर्पोटिंग कास्ट ने काफी अच्छा काम किया है। सीमा बिस्वास का कैरेक्टर भी उतना ही मजबूत दिखाई देता है जितना की माधव का कैरेक्टर है। एक पुरानी पीढ़ी की मां के रोल में उन्होंने काफी बेहतरीन एक्टिंग की है। पुरानी मान्यताओं को पकड़े रखना, लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देना इन सारी चीजों को उन्होंने अपनी एक्टिंग के जरिए पर्दे पर उतारने की अच्छे ढंग से उतारने की कोशिश हैं।

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