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रैंसमवेयर का दूसरा बड़ा हमला आज, भारत समेत 150 देशों के कंप्‍यूटर हो सकते हैं हैक

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भारत पहुंचा वायरस, चेतावनी जारी

साइबर सुरक्षा शोध से जुड़ी एक संस्था ने रविवार को चेतावनी दी कि शुक्रवार को हुए सबसे बड़े साइबर हमले के बाद दूसरा बड़ा हमला आज हो सकता है। इस साइबर हमले में 150 देशों में 2 लाख से ज्यादा कंप्यूटर चपेट में आए। इधर, भारत में भी कई राज्यों में भी रेनसमवेयर का अटैक हुआ है। रविवार को यूपी के गोरखपुर के पार्क रोड की यामाहा एजेंसी की वेबसाइट हैक हो गई। वहीं आगरा में दो रैनसमवेयर वायरस का अटैक आगरा में भी हुआ। यहां दो मामले साइबर सेल तक पहुंचे।

भारत पहुंचा वायरस
गोरखपुर में एजेंसी मालिक संदीप वैश्य ने बताया की रात में वेब साइट लॉक हो गयी है और यह मैसेज आया। आइटी एक्स्पर्ट्स ने बताया है कि यह रेनसमवेयर हैकर्स की कारस्तानी है। हैकर्स ने तीन दिन में 300 डॉलर्स जमा करने को कहा है। कारोबारी ने थाने में तहरीर दी है। उधर आगरा में दो मामले सामने आए। एक लहंगा व्यापारी है तो दूसरा इंजीनियरिंग का छात्र।

मांगी फिरौती
कंप्यूटर से डाटा चोरी करके दोनों से फिरौती मांगी गई है। आगर और दिल्ली के साइबर एक्सपर्ट ने वायरस देख हाथ खड़े कर दिये हैं। साइबर सेल की टीम इस वायरस की काट खोजने में जुटी हुई है। विदेशी एक्सपर्ट से रया ली जा रही है। अंचित ताजगंज क्षेत्र के निवासी हैं। पिता लंहगा कारोबारी हैं। पढ़ाई के साथ अंचित पिता का कारोबार भी संभालते हैं।

आज भी हो सकता है हमला
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन के सुरक्षा शोधकर्ता ‘मैलवेयर टेक’ ने भविष्यवाणी की है कि दूसरा हमला आज की संभावना है और अगर लोग सतर्क न रहे तो इसके शिकार लोगों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि आज हफ्ते का पहला कार्यदिवस होगा। ‘मैलवेयर टेक’ ने रैनसमवेयर वायरस को सीमित करने में मदद की। इस वायरस ने उपभोक्ताओं की फाइलों को अपने नियंत्रण में ले लिया। यह वायरस भारत, ब्रिटेन, अमेरिका, स्पेन, फ्रांस और रूस सहित 150 देशों में फैल गया।
ब्रिटेन में 48 राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवाएं (एनएचएस) ट्रस्ट व स्कॉटलैंड के 13 एनएचएस निकाय इसके शिकार हुए। इससे कुछ अस्पतालों को अपनी सेवाएं रद्द करनी पड़ी। कंप्यूटरों को नियंत्रण में लेने के बाद वायरस ने फाइलों को खोलने और उपभोक्ताओं के इस्तेमाल करने के लिए 300 से 600 डॉलर बिटकॉइन के भुगतान की मांग की

वायरस के प्रसार को रोकने के लिए एक डोमेन का पंजीकरण कराए जाने के बाद मैलवेयर टेक का ‘आकस्मिक हीरो’ के तौर पर स्वागत किया गया। ‘मैलवेयर टेक’ अपनी पहचान जाहिर नहीं करना चाहता। बीबीसी से 22 वर्षीय एक व्यक्ति ने रविवार को कहा कि हमने इसे रोक दिया है, लेकिन कोई दूसरा आ रहा है और इसे हम नहीं रोक पाएंगे। उन्होंने कहा कि उनके पास इस काम को करने के अच्छे मौके हैं। इस सप्ताहांत नहीं, लेकिन इसे सोमवार सुबह तक करने की संभावना है। उन्होंने ट्वीट किया कि वाना डिक्रिप्टर या वानाक्राई का संस्करण 1 रोक दिया गया, लेकिन संस्करण 2.0 को शायद ही हटाया जा सके। इस हमले से आप तभी सुरक्षित हैं, यदि आप जल्द से जल्द मरम्मत कर सकें।

हैकरों की तलाश शुरू
अंतरराष्ट्रीय जांचकर्ताओं ने दुनियाभर के कई देशों के बैंकों, अस्पतालों और सरकारी एजेंसियों आदि के सिस्टमों को प्रभावित करने वाले साइबर हमले के पीछे के लोगों की तलाश शुरू कर दी है। इसी बीच सुरक्षा विशेषज्ञ इस स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश में हैं। यूरोप की पुलिस एजेंसी यूरोपूल ने कहा कि दोषियों का पता लगाने के लिए एक जटिल अंतरराष्ट्रीय जांच की जरूरत होगी। उसने कहा कि उसके यूरोपियन साइबर क्राइम सेंटर में एक विशेष कार्य बल को ऐसी जांचों में मदद करने के लिए विशेष तौर पर तैयार किया गया है और यह जांच में सहयोग के लिए अहम भूमिका निभाएगा।

देश की साइबर सुरक्षा एजेंसी ने इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को विश्व भर में तेजी से फैल रहे वनाक्राई रैंसमवेयर की हानिकारक गतिविधियों को लेकर आगाह किया है। यह रैंसमवेयर सिस्टम को बुरी तरह प्रभावित करती है और दूसरे जगह से फाइल को लॉक कर देती है। इसी बीच महाराष्ट्र के पुलिस विभाग ने कहा कि वह इस रैंसमवेयर से आंशिक तौर पर प्रभावित हुआ है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, सिस्टम को ठीक करने के लिए साइबर विशेषज्ञों को काम पर लगाया गया है।

चेतावनी जारी
भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (सीईआरटी-इन) ने लाल रंग की गंभीर चेतावनी जारी की है। यह हैकिंग से बचाव और भारतीय इंटरनेट डोमेन की साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली नोडल एजेंसी है। दुनिया के 100 से अधिक देशों में जबरन वसूली के लिए बड़ी संख्या में साइबर हमलों के मामले सामने आए हैं।

गुजरात में सिस्टम होंगे अपग्रेड
चेतावनी के बाद गुजरात सरकार ने राज्य के कंप्यूटर सिस्टम को एंटी वायरस सॉफ्टवेयर से लैस करने और माइक्रोसॉफ्ट ऑपरेटिंग सिस्टम को अपग्रेड करना शुरू कर दिया है। राज्य के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव धनंजय द्विवेदी ने कहा कि गुजरात स्टेट वाइड नेटवर्क कनेक्शन से जुड़े कंप्यूटरों की करीबी निगरानी की जा रही है। यह देश का सबसे बड़ा आईपी आधारित सूचना-प्रौद्योगिकी (आईटी अवसंरचना) है।

बरतनी होगी सावधानी
रैनसमवेयर अटैक से बचने के लिए अपने कंप्यूटर में एंटी वायरस अपडेट रखें।
जो भी मेल यूज करते हैं उसमें सिक्योरिटी जरूर रखें।
अनजान लिंक से आए ईमेल को नहीं खोलें
उसके अटैचमेंट और लिंक पर क्लिक नहीं करें।

क्या है रैंसमवेयर
रैंसमवेयर एक ऐसा मालवेयर होता है जो कंप्यूटर सिस्टम के फाइल को लॉक कर देती है और एक निश्चित राशि के भुगतान के बगैर अनलॉक नहीं होती है।

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